कुर्सी !
हमारे घर में चार कुर्सियां हैं , एक कुर्सी हर एक सदस्य के लिए ।पहले अकसर शाम को इन्हीं कुर्सियों पर बैठ कर, सब अपने अपने दिन का हाल सुनाते और फिर इस महफिल में कुछ नये पुराने किस्सों पर चर्चा होती ।कुछ संगीन मामलों पर गम्भीरता जताई जाती, तो कुछ छिटपुट सी बातों पर […]
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